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Mahakavi Kalidas ki kahani

CATEGORY : Comic AUTHOR : STORY

Mahakavi Kalidas ki kahani

कािलदास जब वह युवा थे (kalidas ki kahani) तो वह भी दुसरेलोगो की तरह अपना गुजर-बसर करतेथेउनके ारा िकयेगए हरकत सेसभी लोग हंसेिबना नहींरह पातेथेऔर उनकी मूखता का भी मजाक उड़ातेथेकािलदास िजस रा मरहतेथे उस रा के राजा की एक पुी थी िजसका नाम िवद्युतमां था वह अपनेनाम के अनुकूल बत सुंदर और बत ही िवान थी इसके अलावा बत घमंडी भी थी उसकी सुंदरता के कारण कई राजकुमारोंऔर राजाओंनेउससेशादी करना चाहा पर वह इस बात पर अटल थी िक वह उस सेशादी करेगी जो उसेवाद िववादोंमहरा देगा और वह खुद िवजई हो जाएगा पर उसके सामनेकोई भी राजकुमार या राजा िटक नहींपाए वह सभी को अपनेबातोंसेहरा देती थी

उनकी बुमता के चचगांव गांव महोनेलगेऔर वह इसी कार एक मूखइंसान सेमहान कािलदास बन गए और कािलदास जब अपनेघर गए तो उनकी पी नेउ तहेिदल सेीकार िकया और अब कािलदास बत ही िवान बन चुके थेऔर उनके चचपूरेदेश मसुनाई देरहेथे

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    Posted on 12/9/16

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